प्रभास स्टारर हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ का हिंदी बॉक्स ऑफिस पर सफर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। भारी बजट और पैन-इंडिया स्टारडम के बावजूद फिल्म हिंदी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने पूरे हिंदी थिएट्रिकल रन में करीब ₹20 करोड़ का ही कलेक्शन किया है, जिसके बाद इसे डिजास्टर करार दिया जा रहा है।
हिंदी बॉक्स ऑफिस पर कमजोर शुरुआत
संकट्रांति फेस्टिव सीजन के आसपास रिलीज होने के बावजूद द राजा साब को हिंदी बेल्ट में अपेक्षित ओपनिंग नहीं मिल सकी। शुरुआती दिनों में थोड़ी-बहुत जिज्ञासा जरूर दिखी, लेकिन वर्ड-ऑफ-माउथ कमजोर रहने के कारण दर्शकों की संख्या तेजी से घटती चली गई।
पहले हफ्ते के बाद तेजी से गिरा कलेक्शन
फिल्म का हिंदी कलेक्शन पहले हफ्ते के बाद ही बुरी तरह लड़खड़ा गया। वीकडेज़ में सिनेमाघरों में दर्शकों की मौजूदगी बेहद कम रही, जिससे शोज़ लगातार कैंसल होने लगे। नतीजतन, फिल्म का लाइफटाइम हिंदी कलेक्शन ₹20 करोड़ के आसपास ही रुक गया।
पैन-इंडिया रिलीज के बावजूद असर नहीं
हालांकि द राजा साब को तेलुगु और अन्य दक्षिण भारतीय भाषाओं में प्रभास की फैन-फॉलोइंग का कुछ फायदा मिला, लेकिन हिंदी वर्जन में फिल्म पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई। पैन-इंडिया रिलीज होने के बावजूद उत्तर भारत के बड़े सेंटर्स में फिल्म टिक नहीं पाई।
क्यों नहीं चला ‘द राजा साब’?
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, फिल्म के कमजोर प्रदर्शन की मुख्य वजह इसका मिश्रित जॉनर (हॉरर + कॉमेडी) और कंटेंट को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। इसके अलावा, कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर भी दर्शकों का जुड़ाव नहीं बन पाया, जिससे रिपीट ऑडियंस नहीं मिली।
फिल्म की टीम और कास्ट
‘द राजा साब’ में प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आए, जबकि फिल्म को एक फैंटेसी हॉरर-कॉमेडी के रूप में पेश किया गया था। बड़े स्टार और भारी प्रमोशन के बावजूद फिल्म हिंदी मार्केट में अपनी पकड़ नहीं बना सकी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, ‘द राजा साब’ का हिंदी बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। ₹20 करोड़ के आसपास सिमटा लाइफटाइम कलेक्शन साफ तौर पर दिखाता है कि प्रभास जैसे सुपरस्टार के नाम पर भी कंटेंट अगर मजबूत न हो, तो हिंदी दर्शक फिल्म को स्वीकार नहीं करते।







